De-addiction Day

किसी भी राष्ट्र की सच्ची सम्पत्ति उसका स्वस्थ-स्वच्छ मन वाला नागरिक होता है। राष्ट्रीय चरित्र इन्हीं कोटि-कोटि नागरिकों के चरित्र से मिलकर बनता है। हमारा देश प्राचीन काल से ही ऋषियों, मुनियों, गुरुओं, महामानवों की भूमि रहा है। देश का अतीत इन्हीं महामानवों के त्याग, पुरुषार्थ से दुनिया में जगदगुरु और सोने की चिडिय़ा कहलाया था।
 
आज समाज में व्यसन बड़ी तेजी से बढ़ रहे हैं। कोमल बच्चों में भी यह कुटेव लगती चली जा रही है। समाज में इससे अपराध प्रवृत्तियाँ बढ़ी हैं। शराब एवं नशीली ड्रग्स का प्रचलन पूरे देश के युवा वर्ग में बड़ी तेजी से बढ़ा है। नकारात्मकता, निराशा, अवसाद को दूर करने के लिए आज का युवा इन्हीं को अपनाता है। यह धीमा जहर सामाजिक स्वास्थ्य के लिए बड़ा घातक है। शरीर खोखले एवं जनशक्ति छूंछ होती जा रही है।
 
31 मई को तम्बाखू विरोधी दिवस मनाया जाता है। "युवा क्रांति वर्ष 2016" के अंतर्गत गायत्री परिवार ने इसे अधिक व्यापक 'व्यसन मुक्ति दिवस' के रूप में मनाने की घोषणा की है। इसे एक सामयिक समारोह के साथ ही व्यसन मुक्ति की दिशा में अधिक प्रभावी और स्थायी परिणाम देने वाले अभियान का रूप दिया जाना है। 

Invitation

अखिल विश्व गायत्री परिवार ने सप्त-सूत्री आंदोलन के अन्तर्गत व्यसन मुक्ति अभियान चलाया जा रहा है जिसे सम्पूर्ण देश में गायत्री परिवार के सृजन सैनानी संचालित कर रहे है और करोड़ों लोगों को व्यसन मुक्ति का संदेश देकर नशा निवारण कर रहे है। इसी अभियान को गति देने हेतु युवा क्रांति वर्ष 2016 के अंतर्गत 31 मई 2016 को व्यसन मुक्ति दिवस मनाया जा रहा है, जिसमे आप सभी का आवाहन है । कार्यक्रम से सम्बंधित प्रचार सामग्री यहाँ से डाउनलोड करें - ऑडियो वीडियो फिल्म पत्रक, बैनर,नारे एवं ज्ञापन उपरोक्त तीनो लिंक्स से मैटर डाउनलोड करने के बाद बैनर्स फोल्डर में उपस्थित फ़ॉन्ट्स को कंप्यूटर में इंस्टॉल करने के बाद फाइल्स को खोलें । संपर्क सूत्र - 9258360785,9258360928,9258360962 ईमेल - youthcell@awgp.org

Highlights

Special Attraction

  • प्रचार एवं जन-जन को व्यसन मुक्ति के लिए प्रोत्साहन। इसके अन्तर्गत सघन जनसंपर्क, रैलियाँ निकालना, जनसभाएँ करना, प्रदर्शनियाँ लगाना, संगीत-नुक्कड़ नाटक आदि कलामंच के प्रोग्राम करना।
  • व्यसन मुक्ति के संकल्प कराना : इसके लिए संकल्प पत्र छपवाना, शिक्षण संसथानों, विभिन्न संगठनों के माध्यम से सामूहिक संकल्प कराना। दीपयज्ञ जैसे कार्यक्रमों द्वारा इसके लिए दिव्य वातावरण तैयार करना।
  • व्यसन मुक्ति के संकल्पित व्यक्ति को नियमित जप , ध्यान एवं यज्ञ में आने हेतु भी सहमत करना ताकि संकल्प पालन हेतु आत्मबल संवर्धन की प्रक्रिया सतत चलती रहे ।
  • मिशन के विभिन्न रचनात्मक कार्यक्रमों में रूचि अनुसार सहभागिता हेतु भी निवेदन करना ।

Contribute / Participate

आप भागीदार बन सकते है यदि आप
  • विद्यालय अथवा महाविद्यालय में विद्यार्थी या अध्यापक है ।
  • चिकित्सक है ।
  • व्यवसायी है या नौकरी कर रहे है ।
  • प्रज्ञा/महिला/युवा/संस्कृति मंडलों के सदस्य हो ।
  • किसी गैर सरकारी संगठन के संचालक या सदस्य है ।
  • किसी सामाजिक संगठन के कार्यकर्ता है ।
  • वर्तमान में नशा मुक्ति अभियान चलाते है ।
  • अपने देशवासी भाई-बहनों को नशे के कहर से बचाना चाहते है ।
  • चिंतन में राष्ट्रीयता की भावना से स्वप्रेरित है ।

Program Schedule

समय कार्यक्रम
सायं 05.30 - 06.30 रैली - कार्यक्रम तथा रैली का क्रम

 

  • सबसे आगे बैनर,  उनके पीछे झाँकी तथा अंत मे नारे लगाते हुए तथा नारे की तख्तियाँ लिए हुए परिजन,
  • नशे के राक्षसों की ड्रेस पहने हुए कुछ भाई
  • किसी चौक परबाजार में या अन्य किसी बडे़ एवं भीड़-भाड़  वाले स्थान पर नुक्कड़ नाटक किया जा सकता है
  •  पर्चे बाँटने का क्रम मार्ग में होगा।

 

अन्य कार्यक्रम

 

  •  नशे की अर्थी निकालना
  •  नशे की बारात निकालना

 

सायं 06.30 - 08.00

 

  • समापन पर किसी सक्षम शासकीय अधिकारी यथा- जिलाधिकारी, तहसीलदार, गांव के सरपंच अथवा स्थानीय विधायक आदि को ज्ञापन सौपा जाये।
रैली के अंत में

 

 

  • व्यसन मुक्ति के उपाय की जानकारी देना
  • नाटक मंचन
  • दीपयज्ञ (संकल्प)
  • वीडियो प्रदर्शन (कृपया वीडियो डाउनलोड करें)
  • प्रदर्शनी लगाना
  • उद्बोधन
  • संकल्प पत्र भरवाना

 

स्थायी गतिविधि 

 

  • अपने शक्तिपीठप्रज्ञापीठयुवा प्रकोष्ठ या किसी अन्य सामुदायिक केन्द्र मे व्यसन मुक्ति केन्द्र की स्थापना करना।
  • व्यसन मुक्ति के पर्चो पर संबंधित कार्यकर्ता का मोबाइल नंबर दिया जा सकता है।

 

विशेष 

 

  • आगामी 22 मई 2016 रविवार को ग्राम स्तरीय कार्यक्रम करें तथा 31 मई को जिला स्तरप्रांत स्तर पर कार्यक्रम आयोजित करें।
  • नोट - जिला / प्रांत स्तरीय कार्यक्रम को सफल बनाने हेतु एक सप्ताह पूर्व से ही ग्राम एवं विकास खण्ड स्तर पर कार्यक्रम किये जा सकते हैं।