माता भगवती देवी स्मृति उपवन में वृक्षारोपण
ग्राम खामखेड़ा में वृक्षारोपण का महमोहक दृश्य
750 वृक्षों की पौध रोपी
वृक्ष मैदानी नदियों के ग्लेशियर हैं। वृक्ष नहीं रहेगें तो पानी भी नहीं बचेगा -श्री मनोज तिवारी
खामखेड़ा, खरगोन। मध्य प्रदेश
कसरावद तहसील के ग्राम खामखेड़ा में माता भगवती देवी स्मृति उपवन में 24 त्रिवेणियों सहित 750 से अधिक पौधों का रोपण किया गया। इस अवसर पर स्थानीय ग्राम पंचायत एवं ग्रामवासियों के सहयोग से नीम, आँंवला, पीपल, बिल्व, शीशम, करंज आदि प्रजाति के पौधे रोपे गए। पौधारोपण का यह कार्यक्रम गायत्री परिवार के प्रांतीय सह समन्वयक बुरहानपुर निवासी श्री मनोज तिवारी के मुख्य आतिथ्य में संपन्न हुआ। पौधारोपण पूरे आध्यात्मिक विधि-विधान के साथ किया गया। सभी पौधों को कलावा बाँधकर उनका पूजन किया गया। तत्पश्चात् तरूमिलन का भावभरा कर्मकांड हुआ। इसके बाद सभी ने मिलकर सामूहिक रूप से पौधारोपण किया। पर्यावरणविद् श्री मनोज तिवारी ने बताया कि नर्मदा एवं ताप्ती सहित मैदानी नदियों के ग्लेशियर ये हरे-भरे वृक्ष ही हैं। वृक्ष ही इन नदियों को सदा नीरा रखते हैं। आधुनिकता की दौड़ में पेड़ों को काटते चले जाना बड़ी मानवीय भूल है। वृक्ष नहीं रहेंगे तो प्रचण्ड जल संकट खड़ा हो जाएगा। श्री मनोज तिवारी ने वृक्षारोपण को आज का सबसे बड़ा युगधर्म बताया। अध्यापक रामलाल पटेल ने कहा कि पेड़ लगाना एक धर्मशाला बनाने के बराबर पुण्यदायी है। ग्राम मर्दाना के सालिगराम चौधरी ने उपस्थित जन समुदाय से पौधों के संरक्षण हेतु बढ़ चढ़ कर अंशदान करने की बात कही। तरूरोपण कार्यक्रम में ग्राम सरपंच श्री दिनेश लेवा सहित कई जनप्रतिनिधियों, गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति रही। कार्यक्रम का संचालन श्री धर्मेंद्र मुकाती ने किया।
हरीभरी हो गइर्ं 300 वीरान पहाड़ियाँ
श्री मनोहर यादव ने बताया कि आज तक गायत्री परिवार द्वारा संपूर्ण मध्य प्रदेश में 300 से अधिक वीरान पहाड़ियों को हरा-भरा किया जा चुका है। श्री जोगीलाल मुजाल्दे ने खरगोन जिले में 63,563 पेड़ लगाए जाने की जानकारी दी। अकेले कसरावद तहसील में 7,775 वृक्षों की पौध लगाई गई है।
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