देसंविवि के गौशाला में गोवर्धन पूजा में झूमे लोग
हरिद्वार 02 नवम्बर।
देवसंस्कृति विवि स्थित गौशाला में शनिवार को भक्ति और समर्पण को समर्पित गोवर्धन पूजन का पर्व देव संस्कृति विश्वविद्यालय स्थित गौशाला में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया।
गोवर्धन पूजन का पर्व अखिल विश्व गायत्री परिवार प्रमुख श्रद्धेय डॉ प्रणव पंड्या जी और श्रद्धेया शैलजीजी के मार्गदर्शन में हुआ। इस अवसर पर दिये अपने संदेश में उन्होंने गाय के संवर्धन एवं गौ उत्पाद को बढ़ाने पर बल दिया।
वैदिक कर्मकाण्ड के बीच देव संस्कृति विश्वविद्यालय प्रतिकुलपति आदरणीय डॉ चिन्मय पंड्या जी ने गोवर्धन पूजन किया। इस अवसर पर प्रतिकुलपति जी ने कहा कि जिस प्रकार भगवान श्रीकृष्ण ने अपनी छोटी अंगुली से विशाल गोवर्धन पर्वत को उठाकर गोकुलवासियों की रक्षा की थी, ठीक उसी प्रकार हम मुश्किल समय में साहस और धैर्य के साथ सही निर्णय और सही कदम द्वारा बड़ी से बड़ी परेशानियों को भी हल कर सकते हैं।
वहीं लोग गाजे बाजे के साथ उत्साह से झूमे और अपनी उमंग को प्रदर्शित किया। गोवर्धन पूजा में कुलपति श्री शरद पारधी, शांतिकुंज व्यवस्थापक श्री योगेन्द्र गिरी सहित शांतिकुंज, देव संस्कृति विवि परिवार और गायत्री तीर्थ आये विभिन्न प्रशिक्षण सत्रों के प्रशिक्षणार्थी आदि शामिल रहे।
Recent Post
वीर बाल दिवस के अवसर पर साहिबजादे क्विज प्रतियोगिता का हुआ आयोजन
कौशाम्बी: उत्तर प्रदेश के कौशाम्बी जनपद में भरवारी नगर पालिका के सिंधिया में गुरुवार 26 दिसंबर को वीर बाल दिवस के अवसर पर बाल संस्कारशाला सिंघिया द्वारा सामूहिक प्रश्नोत्तरी (क्विज) प्रतियोगिता का ...
कौशाम्बी जनपद में 4 दिवसीय 24 कुण्डीय शक्तिसंवर्धन गायत्री महायज्ञ का कार्यक्रम हुआ सम्पन्न
● 28 नवंबर को सायंकालीन 2400 दीपों से दीपयज्ञ का हुआ आयोजन
● सैकड़ों परिजनों ने यज्ञ के साथ कराए विभिन्न संस्कार, महिलाओं ने धारण किया यज्ञोपवीत
● प्रतिदिन प्रातः 6 बजे से प...
24 कुण्डीय गायत्री महायज्ञ को लेकर जोर शोर से चल रही हैं तैयारियां
कौशाम्बी जनपद के करारी नगर में अखिल विश्व गायत्री परिवार के तत्वावधान में 24 कुंडीय गायत्री महायज्ञ का आयोजन होने जा रहा है। कार्यक्रम 26 नवंबर से शुरू होकर 29 नवंबर तक चलेगा। कार्यक्रम की तैयारिया...
कौशाम्बी जनपद में 24 कुंडीय गायत्री महायज्ञ 26 नवंबर से 29 नवंबर तक
उत्तर प्रदेश के कौशाम्बी जनपद में अखिल विश्व गायत्री परिवार की जनपद इकाई के द्वारा करारी नगर में 24 कुंडीय गायत्री महायज्ञ का आयोजन 26 नवंबर से प्रारंभ हो रहा है। यह कार्यक्रम 26 से प्रारंभ होकर 29...
चिन्तन कम ही कीजिए।
*क्या आप अत्याधिक चिन्तनशील प्रकृति के हैं? सारे दिन अपनी बाबत कुछ न कुछ गंभीरता से सोचा ही करते हैं? कल हमारे व्यापार में हानि होगी या लाभ, बाजार के भाव ऊँचे जायेंगे, या नीचे गिरेंगे।* अमुक ...
भारत, भारतीयता और करवाचौथ पर्व
करवा चौथ भारतीय संस्कृति में एक विशेष और पवित्र पर्व है, जिसे विवाहित स्त्रियाँ अपने पति की दीर्घायु, सुख-समृद्धि और आरोग्य के लिए मनाती हैं। इस व्रत का धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक महत्व अत्यधिक...
प्रत्येक परिस्थिति में प्रसन्नता का राजमार्ग (भाग 4)
बुराई की शक्ति अपनी सम्पूर्ण प्रबलता के साथ टक्कर लेती है। इसमें सन्देह नहीं है। ऐसे भी व्यक्ति संसार में हैं जिनसे ‘‘कुशल क्षेम तो है’’ पूछने पर ‘‘आपको क्...
घृणा का स्थान
निंदा, क्रोध और घृणा ये सभी दुर्गुण हैं, लेकिन मानव जीवन में से अगर इन दुर्गुणों को निकल दीजिए, तो संसार नरक हो जायेगा। यह निंदा का ही भय है, जो दुराचारियों पर अंकुश का काम करता है। यह क्रोध ही है,...
अनेकता में एकता-देव - संस्कृति की विशेषता
यहाँ एक बात याद रखनी चाहिए कि संस्कृति का माता की तरह अत्यंत विशाल हृदय है। धर्म सम्प्रदाय उसके छोटे-छोटे बाल-बच्चों की तरह हैं, जो आकृति-प्रकृति में एक-दूसरे से अनमेल होते हुए भी माता की गोद में स...
प्रगति के पाँच आधार
अरस्तू ने एक शिष्य द्वारा उन्नति का मार्ग पूछे जाने पर उसे पाँच बातें बताई।
(1) अपना दायरा बढ़ाओ, संकीर्ण स्वार्थ परता से आगे बढ़कर सामाजिक बनो।
(...